मिथिला लोकचित्रकलाक अग्रदूत: पद्मश्री सीता देवी प्रचीन काल सँ मिथिलाक महान् भूमि कला आ सांस्कृतिक दृष्टि सँ बहुत उर्वर रहल अछि। एहि उर्वर भूमि पर एक गोट अत्यंत सुन्दर आ असाधारण लोकचित्रकला शैली निरंतर पल्लवित- पुष्पित होइत आबि रहल अछि। …
Category: History
Mithila in Nepal :: Tirsana Khadka
Mithila in Nepal Nepal is rich in ethnicity and cultural diversity having a complex mosaic of beliefs and customs from lowland Terai to the Himalayan region. Mithila region has a glorious ancient history in Nepal. Mithila was one of the …
“एकादश रूद्र महादेव” :: मंगरौनी
“एकादश रूद्र महादेव”, मंगरौनी ===================== मधुबनी सअ मात्र ३ किलोमीटर दूर मंगरौनी गाम में विश्व केर एकमात्र अद्भुत “श्री श्री ११०८ एकादश रूद्र महादेव” केर मंदिर छैन्हि I कांची पीठक शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती 1997 में जखन एहि ठाम एलैथ तs …
मैथिल ब्राह्मणक पंजी प्रबंध एक परिचय :: मिथिलाक लुप्त प्राय एकगोट आदर्श परम्परा
मैथिल ब्राह्मणक पंजी प्रबंध एक परिचय | मिथिलाक लुप्त प्राय एकगोट आदर्श परम्परा | ओना तँ पंजीप्रबंध बहुत पैघ विषय अछि ,मुदा हम एतय एकटा कुँजिका रूप मे किछु लिखबाक प्रयाश कए रहल छी |आइ काल्हि अधिसंख्य मैथिल बंधु अपन …
“मिथिला विकास परिषदक जन्म भेल आन्दोलनक गर्भसँ” :: राजकुमार झा, तत्कालिन प्रचार सचिव (१९८४)
“मिथिला विकास परिषदक जन्म भेल आन्दोलनक गर्भसँ” *************** (मिथिला विकास परिषदक संदर्भमे जे बात हम लिखS जा रहल छी ओ सत्य आओर तथ्यकें आधार पर इतिहासक दस्तावेज अछि । मनुक्ख छी आ मैथिलीसेवी तैं भूलत्रुटि सेहो संभव मुदा सत्य तS …
इतिहाससँ – यौगिक सूक्ष्म व्यायाम :: स्वामी धीरेन्द्र ब्रह्मचारी
इतिहाससँ – यौगिक सूक्ष्म व्यायाम :: स्वामी धीरेन्द्र ब्रह्मचारी यौगिक विधि सँ सूक्ष्म शरीरक आयाम (नियंत्रण) अर्थात सूक्ष्म शरीर पर काबू पाबि लेनाई यौगिक सूक्ष्म व्यायाम अछि। एहिसँ शरीर के भीतर के प्रत्येक नस-नाड़ी, तन्तु, शिरा, धमनी, माँसपेशी आ हड्डी …
तिरहुत के खण्डवला शासन में करमहा अहपुर के योगदान :: सुशांत भास्कर
तिरहुत के खण्डवला शासन में करमहा अहपुर के योगदान :: सुशांत भास्कर ————————————————————————— तिरहुत के खण्डवला राजवंश में करमहा कुल के लोकसब महत्वपूर्ण भूमिका निभेने छथि। करमहा कुल में नरपति झा नामक विद्वान भेल छलथि। एहि वंश के महादेव झा …
गरही रक्तमाला स्थलके इतिहास जानबाक खगौट :: लालदेव कामत
मिथिलांचलक प्रसिद्ध फुलपराग जे आब फुलपरास अनुमंडलधरि बनि गेल अछि: के अंतर्गत घोघरडीहा अंचल सँ 5 किमी० पश्चिम भाग राजा फिरोजसाहक गढ़ किवंदतीमे चर्चित अछि,जे आब 1899 केर कन्सटेबल सर्वे मेँ पिरोजगढ़ नामसँ जानल जाईछ, के समकालीन एक रियासत केवटना …
मैथिल संस्कृतिक स्तंभ
मैथिल संस्कृतिक किछु प्रमुख स्तंभ – 1. गौतम :: गौतम मिथिलाक ब्रह्मपुर गामक रहनिहार छलाह। गौतम कुँड आ अहिल्या स्थानसँ हुनक संबंध रहल अछि। 2. याज्ञवल्क्य :: ई महाराज जनकक समकालीन आ योगी छलाह। ई अपनाकेँ “मिथिलास्थस्स योगीन्द्र:” कहने छथि। हिनक …
मैथिलीक प्राचीनता :: प्राकृतपैंगलम आ मैथिली
मैथिली भाषा आओर साहित्यक स्थान भारतीय भाषा मध्य महत्वपूर्ण अछि। कलकत्ता मैथिली संघ द्वारा प्रकाशित विद्यापति पर्व अंकक 1961 के अंक में प्रसिद्ध इतिहासकार राधाकृष्ण चौधरी के निबंध प्रकाशित भेल छन्हि ; प्राक् विद्यापति कालीन मैथिली, जहिमें मैथिलीक प्राचीनता पर …









