अपन अस्तित्व आ अस्मिताक रक्षा लेल सबगोटे संग आऊ आ मिलकय राजनैतिक रूप सँ लड़ू :: मैथिल संजय मिश्रा, महासचिव ABMP

अहाँ सबके त ई बुझले अछि कि पछिला किछु महीना सँ सोशल मीडिया आ यथार्थ राजनीतिक पटल पर पूरा भारत में मिथिला राज्य के औचित्य आ माँग पर सबगोटे सोचबाक लेल मजबूर भय रहल छथि। पैघ राजनीतिक दल होथि वा फेर छोट-छोट कार्यसमूह सबमे विभक्त सामाजिक-सांस्कृतिक-राजनीतिक कार्यकर्ता लोकनि रहथि, सबगोटे 2014-15 के बाद फेर सँ मिथिला राज्यक आवश्यकता के स्वीकार करबा मे लागल छथि। एना त बिहार साझा संस्कृति, भाषा आ धर्म के एकटा बेहतर कल्पना सँ राज्य बनल छल, मुदा एहिठामक बेईमान नेता आ सत्ता-संचालक लोकनि आखिरकार साझा सम्पत्ति व प्रतिष्ठा के सरकारी माल समझिकय लूटय के सिवा दोसर कोनो काज नै कयलन्हि, आ परिणाम सबहक सामने अछि। बिहार आ बिहारी पूरा संसार में एकटा गाईर बनिकय रहि गेल अछि। एतय के गरीब मजदूर सँ देशक निर्माण होईत अछि, परन्तु हिनका सबके बिहारी कहिकय बेसहारा आ अनाथ के तरह रोटी पर पलैत देखि, झूग्गी-झोपड़ी में रहबा लेल मजबूर होईत देखि, बाकी राज्य के लोक सबके नजर में अपमानजनक पहचान बननाई स्वाभाविक अछि। थोड़-बेसी लोक जे अपना संग ‘बिहारी स्वाभिमान’ के बिल्ला लगाकय एम्हर-ओम्हर भटकैत नजर सेहो आबि जाईत छथि त हुनका गृहराज्य कज चौपट आ भ्रष्ट जातिवादी राजनीति में कोनो दिलचस्पी नहि रहि जाईत अछि, ओ त बस अपन ओहदा आ भौतिक सुखक लालसा में खुद के स्वर्ण-लंका निर्माणे टा धर्म मानैत छथि, जीबै-जीबैत मरि जाईत छथि आ कहानी खत्म भय जाईत छन्हि।

सच्चाई इहो अछि कि बिहार मे मिथिला के सबसँ बेसी नुकसान भेल अछि। जानकी प्राकट्यस्थली होईतो एतय धार्मिक पर्यटन के एखनतक कोनो विकास नहि भेल बल्कि एकरा जनकपुर पठा देल गेल। जनक सनके महान शिक्षक आ संपूर्ण विश्व सँ चलिकय एतय आबिकय लोकसब द्वारा शिक्षा ग्रहण करबाक परंपरा तँ कहिया के नष्ट कय देल गेल, आब उलटा धारा एहि हद तक बहय लागल अछि जे एतय के लोकसब द्वारा अपन बच्चा के समुचित शिक्षा देबाक लेल करोड़ों के धनराशि दोसर राज्य सबके देल जा रहल अछि आ एहिठाम सँ पलायन कय रहल छथि महालक्ष्मी। राज्य के व्यवस्था मे भोर, दोपहर, साँझ आदि पता नै कतेक खैराती खिचड़ी के व्यवस्था करबाक नाम पर शिक्षक लोकनि के ओहिमे भ्रष्टाचार करैत किछु अतिरिक्त आमदनी करबाक मार्ग बनाओल गेल अछि।

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बाढ़िक निदान – भूकम्प क्षेत्र होबाक कारण भूकम्पनिरोधी मकान निर्माण – हिमालय सँ गंगाके बीच की तराई अछि तँ पर्यावरणीय संरक्षण – जलविहार क्षेत्र – जल परिवहन – जल कृषि ना जाने एहन कतेक सारा मौलिक आ यथार्थ मुद्दा सब अछि जहिपर राज्य के निरंतर सोचैत विभिन्न पंचवर्षीय योजना सबमे आगाक विकास के मार्ग प्रशस्त करबाक छल। यथार्थ प्रगति ककरो सँ नुकायल नहिं अछि। सड़क के निर्माण कार्य स्वतंत्रता के कई दसक बाद विकासपुरुष कहाबयवला नीतीश जी के जमाना में आबिकय सुधार त आयल परन्तु फेर सँ अति राजनीति में हालात जहिना के तहिना देखाई पड़ि रहल अछि। स्वास्थ्य के लेल त राज्य आईयो बहीर आ सूतले देखाईत अछि। जनस्वास्थ्य चौकी तक प्रत्येक पंचायत में स्थापित नहि कयल पार लागल अछि। पेयजल के समस्या धीरे-धीरे विकराल रूप धारण कयने जा रहल अछि, लोकसबमे खतरनाक संक्रामक रोग घर करय लागल अछि। बिजली की व्यवस्था में सेहो सरकार प्रगति त कयलक अछि परन्तु इससे आत्मसंतोष हो ऐहन किछु नहिं अछि। उद्योग आ कल-कारखानाक हाल त अंग्रेज के जमाना सँ भी बदतर भय गेल गया अछि। सब चीनी मिल आ पेपर मिल बन्द पड़ल अछि। नबका औद्योगिक नीति – राज्य द्वारा भूमि अधिग्रहण आ उद्योग प्रवर्धन हेतु आवंटन के कार्य बियाडा के द्वारा शुरु त कयल गेल , परन्तु एखनतक एकर कतौ पर क्रान्तिकारी प्रभाव नजर नहि आयल अछि। खासकर मिथिलाक्षेत्रों में कोनो भी मेगा परियोजना सफल नहि भेल अछि । नीतीश सरकार एहि सरोकार सबपर सूतल नजर आबि रहल अछि।

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सौ बीमारी के एक इलाज – अपन पृथक मिथिला राज्य, अपन सरोकार आ अपन विकास – अर्थात स्वराज्य के सिद्धान्त अनुरूप मिथिला के अलग राज्यक रूप मे स्थापित करनाई ही एकमात्र विकल्प अछि उपरोक्त समस्या सबके समुचित निदान के लेल देखाई द रहल अछि। एहिलेल अखिल भारतीय मिथिला पार्टी मैथिल राजनीति शशक्तिकरण के प्रयास आरम्भ कयलक अछि आ एतय के जनता के अधिकारसंपन्न बनेबाक लेल, आ एहि अभियान के सकारात्मक रूप अआब चौतर्फा देखनाई शुरू भय गेल अछि। मिशन मिथिला 2020 द्वारा आबयवला चुनाव में एहि मुद्दा पर आवाज उठनाई तय अछि। एतय के लोक सबमें जागृति आबि गेल त यथास्थितिवादी के खात्मा तय अछि। मिथिला राज्य बनेबाक लेल लोक उठिकय ठाढ़ होबय लगलथि छथि, आ गरीब, किसान, बुद्धिजीवी समाजसेवी एवं संपन्न मैथिल उद्योगपति सब मैथिल राजनीती शशक्तिकरण के अन्तर्गत अखिल भारतीय मिथिला पार्टी के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्षरूप सँ समर्थन कय रहल छथि, एहिलेल सब मैथिल भाई-बहिन के हम धन्यबाद दैत छी, आ जे मैथिल भाई-बहिन एखनतक मैथिल राजनीतिक शशक्तिकरण अर्थात मिथिला एकीकरण सँ नहिं जुड़ि सकल छथि हुनका जुड़बा लेल हम करबद्ध आग्रह संग आमंत्रित करैत छी।

मैथिल संजय मिश्रा
राष्ट्रीय महासचिव
अखिल भारतीय मिथिला पार्टी।
संपर्क 9470445977


2 Comments

  1. बहुत नीक मिथला राज्य तिलक अछि मिथला के लेल मिथला राज्य से दिन दुनी रात चुगुनी विकास मिलत

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