कर्णाटवंशक इतिहास

कर्णाटवंशक इतिहास ग्यारहम शताब्दीक अंतिम चरणमे मिथिलाक अवस्था अत्यंत दयनीय आ सोचनीय भऽ गेल छल कारण एहिठाम कोनो प्रकारक केन्द्रीय सत्ता नहि रहि गेल छल आ चारूकातसँ महत्वाकाँक्षी शासक लोकनि एहिपर अपन गिद्ध-दृष्टि लगौने छलाह। पाल लोकनिक शासन डगमगा गेल …

मैथिलीक लोकगीत साहित्य

मैथिलीक लोकगीत साहित्य (मैथिलीक लोक साहित्य समस्त भारतीय भाषा मे सर्वाधिक समृद्ध अछि । खास कऽ केँ लोक गीत मिथिलाक कण-कण मे रसल-बसल अछि । जीवनक समस्त संस्कार सँ लऽ कऽ खेती-पथारी, जाँत चलेयवाकाल आ खेत मे काज करऽ समय …

मैथिली साहित्य

मैथिली साहित्य मैथिली मुख्यतः नेपाल के तराई क्षेत्र एवंम् उत्तर-पूर्व बिहार की भाषा है। भारत के दस जिलों में ( मधुबनी , दरभंगा , समस्तीपुर , मुजफ्फरपुर , मुंगेर , भागलपुर , सहरसा , पूर्णिया, सीतामढ़ी और पटना) और नेपाल …

मिथिलाक सामाजिक इतिहास

मिथिलाक सामाजिक इतिहास मिथिलाक अस्तित्व वैदिक कालहिसँ अद्यावधि सुरक्षित अछि। मिथिलामे आर्यक आगमनक पूर्व मिथिलाक सामाजिक व्यवस्थाक रूपरेखा केहेन छल से कहब असंभव। ओकर ठीक–ठीक अनुमान लगायबो संभव नहि अछि। मिथिलाक संस्कृतिक अविछिन्न प्रभाव रहल अछि। आजुक मिथिलामे हमरा लोकनि …

मिथिलाक संगीत परंपरा:

मिथिलाक संगीत परंपरा: भारतीय संगीतक परिप्रेक्ष्य मे जखन हम मिथिलाक संगीत परंपरा पर दृष्टिपात करैत छी तँ देखैत छी जे एकर अपन एक पृथक इतिहास अछि जाहि मे एकर प्राचीनता एवं परंपरा समटल अछि । संगीतक क्रमिक विकासक वास्तविक स्वरूप …