नमस्ते, मेरा नाम अनुपमा सिंह है और मेरी उम्र 36 वर्ष है।
आज इस प्रतिष्ठित मिथिला पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लेकर मुझे अत्यंत खुशी हो रही है।
मिथिला कला सिर्फ एक चित्रकारी नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जीवंत अभिव्यक्ति है।
मुझे बचपन से ही कला और रंगों के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त करने का बहुत शौक रहा है।
समय के साथ मिथिला पेंटिंग की पारंपरिक शैली ने मेरे मन को गहराई से आकर्षित किया।
इस कला की सबसे बड़ी खासियत इसकी सादगी और प्राकृतिक रंगों का खूबसूरत प्रयोग है।
इसमें कचनी और भरनी जैसी पारंपरिक शैलियों की बारीक कारीगरी देखने को मिलती है।
36 वर्ष की उम्र में भी नई चीज़ें सीखने और कला को निखारने का मेरा जुनून बरकरार है।
मेरा मानना है कि कला की कोई सीमा नहीं होती, यह हर उम्र में नया जीवन देती है।
इस मंच पर अन्य प्रतिभाशाली कलाकारों के साथ अपनी कला साझा करना गर्व की बात है।
मैं इस प्रतियोगिता के सभी आयोजकों की आभारी हूँ जिन्होंने यह अवसर प्रदान किया।
धन्यवाद!🙏🏻
MLCKP2026-0030 :: ANUPAMA SINGH


