मिथिलाक भौगोलिक सीमा

मिथिलाक भौगोलिक सीमा शतपथ ब्राह्मणक अनुसार नदीक बहुलताक कारणे मिथिलाक भूमि दलदल जकाँ छल। कहल जाएछ जे अग्निदेवक आज्ञासँ माथव विदेघ आ गोतम राहुगण सदानीरा (गण्डकी)क पूबमे जाकऽ बसलाह आ उएह क्षेत्र इतिहासमे मिथिला, विदेह, तीरभुक्ति एवँ तिरहुतक नामसँ प्रसिद्ध …

मिथिलाक राजनैतिक इतिहास

३२० ई.सँ १०९७ ई. धरिक मिथिलाक राजनैतिक इतिहास गुप्तवंशक उत्थान भारतीय इतिहासमे एकटा महत्वपूर्ण घटना मानल गेल अछि। मिथिलाक हेतु एकर महत्व एहि लेल बढ़ि जाइत छैक कि मिथिलाक वैशालीक राजकुमारीक संग विवाह भेला उत्तरे चन्द्रगुप्त प्रथम साम्राज्य निर्माण करबामे …

मिथिला आ नेपाल

मिथिला आ नेपाल नेपाल शब्दक उद्गम एखन धरि रहस्यमय अछि। अति प्राचीन कालसँ नेपालक इतिहास मिथिलाक इतिहास संग निकटतम रूपें संबंधित अछि। मिथिला एहेन स्थान रहल अछि जाहिठाम नाना प्रकारक धार्मिक आन्दोलन एवँ दर्शनक उत्पत्ति भेल छैक आ नेपाल ओहि …

ओइनवार वंशक इतिहास

ओइनवार वंशक इतिहास कर्णाट वंशक परोक्ष भेलापर मिथिलामे ओइनवार वंशक राज्य प्रारंभ भेल। ओइनवार वंशकेँ ‘कामेश्वर वंश’ तथा ‘सुगौना वंश’सेहो कहल गेल छैक। ‘कामेश्वर वंश’ एहि कारणे कि राज पंडित कामेश्वर एहि वंशक संस्थापक छलाह और ‘सुगौना वंश’ एहि कारणे …

कर्णाटवंशक इतिहास

कर्णाटवंशक इतिहास ग्यारहम शताब्दीक अंतिम चरणमे मिथिलाक अवस्था अत्यंत दयनीय आ सोचनीय भऽ गेल छल कारण एहिठाम कोनो प्रकारक केन्द्रीय सत्ता नहि रहि गेल छल आ चारूकातसँ महत्वाकाँक्षी शासक लोकनि एहिपर अपन गिद्ध-दृष्टि लगौने छलाह। पाल लोकनिक शासन डगमगा गेल …