मिथिलाक प्राचीन लोक नृत्य आ नाट्य परम्परा | किरतनियाँ नाच वा नाटक —-

मिथिलाक प्राचीन लोक नृत्य आ नाट्य परम्परा | किरतनियाँ नाच वा नाटक —- आर्यावर्त्तक संस्कृत युग नृत्य कला एबं नाट्य चिन्तनक दृष्टि सँ स्वर्ण युग छल | भारतीय काव्य शाश्त्रक महान आचार्य भरत मुनि “ नाट्य शाश्त्रक समग्र रूप रेखा …

मैथिल समाज मे लुप्त होइत किछु सांस्कृतिक वर्ग परम्परा | पमरिया ——

मैथिल समाज मे लुप्त होइत किछु सांस्कृतिक वर्ग परम्परा | पमरिया —— मिथिलाक अनेक गाम मे मुसलमान जाति मध्य एक वर्ग पमरियाक होइत छल जे अपन अरिसर परिसरक समाज मे बच्चाक जन्मक उपरान्त गीत गाबि नाचि बधैया मँगैत छल |ओना …

तिरहूतमे नीलहा कोठीक इतिहास

तिरहूतमे नीलहा कोठीक इतिहास तिरहूतमे नीलहा कोठीक इतिहासे:- उत्तर बिहार आधुनिक भारतक इतिहासक दृष्टिकोणसँ बड्ड महत्वपूर्ण मानल गेल अछि कारण नीलक खेती अहिठाम होइत छल आ एकरा हेतु अंतर्राष्ट्रीय बाजार प्राप्त छल। नीलक अपन महत्व होइत छैक आ जखन इ …

खण्डवला वंशक इतिहास

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  खण्डवला वंशक इतिहास ओइनवार वंशक अंत भेलापर मिथिलामे केशव मजुमदार आ मजलिश खाँक शासन रहल। केन्द्रीय सत्ताक समाप्त भऽ गेलापर आ मुसलमान लोकनिककेँ लगातार आक्रमणसँ मिथिला छिन्न भिन्न भऽ गेल छल आ चारूकात अराजकता पसैरि गेल छल। जे जेम्हरे …

मुल्ला तकियाक वयाजक अनुसार मिथिलाक इतिहास

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  मुल्ला तकियाक वयाजक अनुसार मिथिलाक इतिहास मुल्ला तकिया अकबरक समकालीन छलाह आ ओ अपन असमक भ्रमणक क्रममे मिथिला बाटे गेल छलाह। ओ मिथिलामे जे देखलन्हि– सुनलन्हि से आ अन्यान्य साधनकेँ आधार अपन एकटा ‘ वयाज ’ (डायरी) लिखलन्हि जे …

मिथिलामे अंग्रेजी राजक अमल

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मिथिलामे अंग्रेजी राजक अमल (१७६५–१९४७) १७६४क बक्सरक लड़ाइ भारतक हेतु एकटा निर्णायक युद्ध छल कारण एकरा बाद इ स्पष्ट भऽ गेल छल जे उत्तर भारतक कोनो शक्तिकेँ आब अंग्रेजसँ मुकाबिला करबाक क्षमता नहि रहि गेल छलन्हि। १७६५मे अंग्रेजी इस्ट इण्डिया …

मिथिलाक इतिहासमे मुसलमानी अमल

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मिथिलाक इतिहासमे मुसलमानी अमल कर्णाट वंशक समयसँ मिथिलामे मुसलमान लोकनि हुलकी–बुलकी देव शुरू कऽ देने छल। ७११ई. जखन सिन्धपर अरब लोकनिक आक्रमण भेलैक ताहिसँ पूर्वहुसँ अरब लोकनिक सम्पर्क पश्चिमी आ दक्षिणी भारतसँ छलैक आ ओ लोकनि ओहि क्षेत्रमे व्यापार करबाक …

मैथिली नाट्‍य-साहित्य : एकटा संक्षिप्त परिचय

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मैथिली नाट्‍य-साहित्य : एकटा संक्षिप्त परिचय काव्यक अन्तर्गत सर्वाधिक रमणीय रचना नाटक मानल गेल अछि – ‘काव्यषु नाटकं रम्यम्‌ ।’ दृश्य एवं श्रव्य दुनू एकहि संग रहबाक कारणे काव्यक आन भेद सँ एकरा नीक मानल जाइछ । आचार्य भरत मुनिक …

ब्रजस्थ मैथिल ब्राह्मण

ब्रजस्थ मैथिल ब्राह्मण (उत्तरप्रदेश में एक मैथिल बस्ती) यह बहुत कम लोग जानते है की उत्तर प्रदेश में रहने बाले मैथिल ब्राहमणों का इतिहास इतना महान है की इन्होने आर्यावर्त में ज्ञान, आध्यात्म व सनातन धर्म को बनाये रखने के …